क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है – Why is Christmas day celebrated in Hindi

क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है:- हैल्लो दोस्तों playhindi.com पर एक बार फिर आपका स्वागत है. Friends 25 दिसंबर को प्रभु यीशु के जन्मदिन को क्रिसमस पर्व के रूप में पूरी दुनिया में मनाया जाता है. 24 दिसंबर की रात से ही इस त्यौहार का जश्न शुरू हो जाता है. क्रिसमस ईसाइयो का प्रमुख त्यौहार है. परन्तु अब इसे और भी कई धर्म के लोग भी बड़ी धूम धाम से मनाते है. इस दिन देश के सभी शहरों में लोगो के घरो में क्रिसमस ट्री सजाया जाता है. इस दिन गिरजाघरों में काफी भीड़ देखने को मिलती है. दोस्तों मैंने अब तक जो बताया वो तो शायद सभी जानते है, परन्तु सवाल ये उठता है, की आखिर 25 दिसंबर को क्रिसमस डे का त्यौहार क्यों मनाया जाता है. परन्तु आज हम आपको इस सवाल का जबाब इस पोस्ट में बताएंगे की आखिर 25 दिसंबर को क्रिसमस डे का त्यौहार क्यों मनाया जाता है. तो दोस्तों देर न करते हुए शुरू करते है, की क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है.

क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है-Why is Christmas day celebrated in hindi

दोस्तों क्रिसमस डे का त्यौहार मनाएं जाने को लेकर कई तरह की कहानिया प्रचलित है, जिनके बारे में हम आपको बताने जा रहे है.

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यीशु का जन्म

यीशु का जन्म

बाइबल के अनुसार लगभग आज से 2200 साल पहले जिस समय रोम का शासन होता था,उस समय रोम के द्वारा लोगो पर बहुत अत्याचार किये जाते थे,रोम के अत्याचारों और लोगो की पीड़ा कम करने के लिए प्रभु ने अपने एक बच्चे जीससे को धरती पर भेजा और जीसस के जन्म के लिए प्रभु ने एक कुंवारी कन्या Merry को चुना और प्रभु ने Merry के पास एक देवदूत को भेजा.
देवदूत ने Merry के पास जाकर कहा कि तुम्हें प्रभु के पुत्र जीसस को जन्म देना है, जो की बड़ा होकर एक राजा बनेगा, और लोगो की सेवा करेगा, फिर इसके बाद प्रभु के द्वारा भेजी गयी दूत गैब्रियल सफ के पास गयी और उसने सफ से कहा की आपको Merry नाम की लड़की से शादी करनी है,जो एक प्रभु के बच्चे को जन्म देगी, और फ़ीर जीसस का जन्म एक गौशाला में हुआ था.

जीसस के जन्म के दौरान आकाश में एक चमकता हुआ तारा दिखाई दिया जिससे लोगो को अभास हो गया था की प्रभु ने धरती पर अवतार ले लिया है, क्योकि यीशु के जन्म से पहले ही भविष्यवाणी हो चुकी थी की जिस दिन आकाश में सबसे ज्यादा चमकता हुआ तारा दिखाई दे उस दिन समझ लेना की धरती पर तुम्हारे प्रभु ने जन्म ले लिया है, और फिर प्रभु यीशु ने लोगो के बीच में रहकर लोगो के दुःख दर्द दूर करने लगे ईसा मसीह ने हमेशा लोगोंको भाईचारे, मानवता और प्रेम से रहने का संदेश दिया.

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सूर्य उत्तरायण के कारण

माना जाता है, की यूरोप में गैर ईसाई समुदाय के लोग 25 दिसंबर को सूर्य के उत्तरायण के मौके पर एक बड़ा त्योहार मनाते थे. इस तारीख से लम्बा दिन शुरू होने की वजह से सूर्य देवता के पुनर्जन्म का दिन माना जाता है.इसलिए ऐसा माना जाता है, की ईसाई समुदाय के लोग यीशु के जन्म दिन को क्रिसमस त्यौहार के रूप में चुना।और फिर इसी दिन क्रिसमस डे हर साल मनाय जाने लगा.

सांता क्लॉज़ का भी विशेष महत्व

christmas day

वही इस दिन सांता क्लॉज का भी विशेष महत्वा होता है, इसकी परम्परा क्रिसमस के साथ काफी जुडी हुई है. सांता निकोलस: आप मेसे कुछ लोग इनके बारे में जरूर जानते होंगे। आखिर कौन थे संता निकोलस और क्यों कहा जाता था उन्हें सांता चलिए आपको बताते हैं, संत निकोलस जन्म 320 ई. में 6 दिसंबर को हुआ था.

बचपन में माता पिता को के मर जाने के बाद सांता को केबल जीसस पर यकीन था इसलिए वो इनकी शरण में आ गए। सांता को लोगो की मदत करना बहुत पसंद था,निकोलस सांता इसलिए कहा जाता है, क्योकि निकोलस आधी रात को बच्चो को गिफ्ट दिया करते थे. उन्हें कोई देख न पाए हम आपको हम आपको बता दें की संत निकोलस के वजह से सभी के जीवन में आज भी लोगो को सांता की तलाश रहती है. जो की संपूर्ण विश्व में लोकप्रिय है.

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मुझे यकीन है की आपको 25 दिसंबर को क्रिसमस डे क्यों मानते है, इसके बारे में हमारी इस पोस्ट में आपको उचित जानकारी मिल गयी होगी।

आपको जानकारी कैसी लगी हमे कमेंट करके जरूर बताये। और इस जानकारी को अपने दोस्तों के साथ व्हाट्सप्प और फेसबुक पर जरूर शेयर करे ताकि उन्हें भी पता चल सके की 25 दिसंबर को क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है,

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