भारत एक ऐसा देश है जहां विभिन्न धर्मों, जातियों और समुदाय के लोग रहते हैं। इन सभी के अपने-अपने अलग-अलग रीति रिवाज है, इन रीति रिवाजों के अनुसार हर धर्म मे शादियां संपन्न होती है।

हर धर्म, जाति और समुदाय के लोग अपने घर के लड़का और लड़की का विवाह अपनी ही जाति, धर्म और समुदाय (Caste, religion and community) में करना चाहते हैं। 

भारतीय संविधान के अनुसार यदि लड़का-लड़की दोनों बालिग (Adult) है तो वह अपनी मर्जी से किसी भी धर्म, जाति या समुदाय के लोगो से विवाह (Marriage) कर सकते हैं। 

शादी करने वाले कपल (Couple) में से दोनों में से किसी का भी पहले से विवाह (Marriage) नही होना चाहिए।

अगर शादी करने वाले लड़का या लड़की (Boy or girl) में से कोई एक पहले से विवाहित है तो उसके जीवन साथी की मृत्यु के प्रमाण के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र (Death certificate) होना आवश्यक है।

न्यायिक विवाह करने के लिए दोनों पक्षों (Both sides) का सहमत होना बेहद जरूरी है। 

जो लड़का-लड़की कोर्ट मैरिज (Court marriage) करने जा रहे है उनका मानसिक रूप से स्वस्थ (Mentally healthy) होना जरूरी है।

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