आज के समय मे लोग अपना समय और पैसे (Time and money) की बचत करने के लिए बैंड-बाजे वाली शादियां (Marriages) करने के बजह कोर्ट मैरिज (Court marriage) की ओर रुख कर रहे हैं क्योंकि परम्परगत शादियों (Traditional weddings) को करने के लोगो को लाखों रुपयों का खर्च (Expenses) करना पड़ता है

वही कोर्ट मैरिज को कम खर्च पर आसानी से कर सकते है। भारत मे हर कोर्ट में कोर्ट मैरिज विशेष विवाह अधिनियम 1954 (विशेष विवाह अधिनियम 1954) के अंतर्गत सम्पन्न होती है। 

जिसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म, जाति, या देश (Religion, race, or country) के लोगो के साथ विवाह कर सकते है। 

लेकिन बहुत से ऐसे लोग भी है. जिनके मन मे यह प्रश्न (Questions) रहता है कि कोर्ट मैरिज करने पर कितने रुपए मिलते हैं 

कोर्ट मैरिज करने पर उन लड़का-लड़की (Boy-girl) को आर्थिक मदद प्रदान की जाती है जिसमें से कोई एक पक्ष दलित तथा दूसरा पक्ष किसी अन्य समुदाय का होता है।

Dr. Ambedkar scheme for social integration through Inter Caste Marriage के अंतर्गत उन जोड़ों को ही वित्तीय राशि मिलती है जिनका विवाह हिंदू विवाह अधिनियम 1955 (Hindu Marriage Act 1955) के अंतर्गत पंजीकृत होता है।

जो दंपत्ति कोर्ट मैरिज (Court marriage) कर लेते हैं उन्हें अपने विवाह के 1 साल के अंदर डॉ.भीमराव अंबेडकर फाउंडेशन (Dr.Bhimrao Ambedkar Foundation) के अंतर्गत सहायता राशि प्राप्त करने के लिए आवेदन (Apply) करना होगा। 

कोर्ट मैरिज शादी करने पर कितना पैसा मिलता है से जुडी ज्यादा जानकरी के लिए नीचे क्लिक करे। 

आज के समय मे लोग अपना समय और पैसे (Time and money) की बचत करने के लिए बैंड-बाजे वाली शादियां (Marriages) करने के बजह कोर्ट मैरिज (Court marriage) की ओर रुख कर रहे हैं क्योंकि परम्परगत शादियों (Traditional weddings) को करने के लोगो को लाखों रुपयों का खर्च (Expenses) करना पड़ता है