गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है Why Ganesh Chaturthi is celebrated

गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है:- गणेश चतुर्थी, जिसे विनायाक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है,गणेश चतुर्थी एक भारतीय त्योहार है जो भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।गणेश चतुर्थी हिंदूओं का दस दिन तक चलने वाला त्यौहार होता है जिसमें वो अपने देवता गणेश के जन्म तौर पर मनाते हैं।गणेश शंकर और पार्वती के बेटे हैं। जिन्हें 108 नामों से जाना जाता है। सभी देवताओं में सबसे पहले गणेश की ही पूजा की जाती है हिंदू कैलेंडर के अनुसार भद्रा(मध्य अगस्त से मध्य सितंबर) में यह शुभ त्यौहार मनाया जाता है,और इस बार 2018 में गणेश चतुर्थी का त्यौहार 13 सितंबर शुक्रवार को पूरे भारत में मनाया जायेगा। त्योहार के लिए तैयारी महीनों पहले शुरू हो जाती है। इसके लिए पंडाल आमतौर पर स्थानीय निवासियों द्वारा वित्त पोषित होता है या इसे मेलों और कार्यशालाओं के माध्यम से एकत्र किया जाता है.

क्यों मनाया जाता है गणेश महोत्सव

क्यों मनाया जाता है गणेश महोत्सव

गणेश चतुर्थी का त्यौहार मानाने की परंपरा बहुत दिनों से चली आ रही है.पर पहली बार गणेश चतुर्थी का पर्व कब मनाया गया इसके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं हैं। पुणे में मराठा साम्राज्य के संस्थापक शिवाजी के ज़माने(1630 – 1680 ) से गणेश चतुर्थी का उत्सव मनाया जा रहा है,इस त्योहार के इतिहास से जुड़ी सभी कहानियों में से, सबसे अधिक प्रासंगिक भगवान शिव और देवी पार्वती से जुडी कहानी है। ऐसा माना जाता है कि माता पार्वती गणेश की निर्माता हैं। कहानी के अनुसार देवी पार्वती ने चंदन के मिक्षण से शिव की अनुपस्थिति में गणेश का निर्माण किया.

जब वह स्नान कर रही थी, तो उन्होंने गणेश को अपने स्नानघर के दरवाज़े की रक्षा करने का काम दिया।शिव के घर लौटने के बाद, गणेश ने उन्हें प्रवेश करने से रोक दिया जिसके कारण गणेश और शिव के बीच युद्ध हो गया और गुस्से में शिव ने गणेश का सिर काट दिया. यह देखकर माता पार्वती को गुस्सा आ गया. यह देखकर भगवान शिव ने गणेश को दुबारा जीवित करने का वादा किया और उन्होंने गणेश के धड़ पर गज का सर लगा दिया। और इसी तरह गजानन का जन्म हुआ. कहा जाता है की इसी दिन से गणेश महोत्सव का आरम्भ हुआ था.ऐतिहासिक रिकॉर्ड से पता चलता है कि गणेश चतुर्थी उत्सव महाराष्ट्र में , महान मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज, द्वारा संस्कृति और राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था।

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गणेश महोत्सव कैसे मनाये

गणेश महोत्सव कैसे मनाये

गणेश चतुर्थी का त्यौहार कई रस्में, रीति रिवाज और हिंदू धर्म के लोगों के लिए बहुत महत्व रखता है। विनायक चतुर्थी की तारीख करीब आते ही लोग अत्यधिक उत्सुक हो जाते हैं। आधुनिक समय में, लोग घर के लिए या सार्वजनिक पंडालों को भगवान गणेश की मिट्टी की मूर्ति लाते है और दस दिनों के लिए पूजा करते हैं। त्यौहार के अंत में लोग मूर्तियों को पानी के बडे स्रोतों (समुद्र, नदी, झील, आदि) में विसर्जित करते हैं।

गणेश चतुर्थी के दौरान लोगो का उत्साह चरम पर होता है. लोग अपने घरो, इलाकों और मंदिरों में भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित करते हैं। इसके बाद, षोडशोपचार नामक अनुष्ठान में 16 विभिन्न तरीकों से प्रार्थना की जाती है. इस त्यौहार में न केवल प्रार्थना होती है, बल्कि नाचना, गाना , ऑर्केस्ट्रा और थियेटर प्रदर्शन जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते है। कई सामुदायिक गतिविधियां भी समारोह का एक हिस्सा होती हैं।अंत में पूजा के साथ भगवान गणेश को विदाई दी जाती है. इसे उत्तरपुजा के रूप में जाना जाता है, इस अनुष्ठान के बाद, पानी में मूर्ति को विसर्जित किया जाता है.

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गणेश महोत्सव की पूजन

दोस्तों कहा जाता है की गणेश चतुर्थी के चौथे दिन गणेश की पूजा करने से आपको जितने भी अटके हुए काम होते है वह सारे पुरे हो जाते है गणेश जी सबकी इच्छाओ को पूरा करते है

गणेश चतुर्थी मंत्र

श्री वक्रतुण्ड महकाये सूर्य कोटि समप्रभा

निर्विघ्नं कुरु में देवा सर्व – कार्येषु सर्वदा |

हिंदी अर्थ :वक्रतुंड का तात्पर्य है टेढी सूँड वाले, इस प्रकार इस मंत्र में कहा गया है हे टेढी सूँड वाले, विशाल देह धारण करने वाले, करोड़ों सूर्यों के समान दीदीप्यमान भगवान श्री गणेश मुझ अपनी कृपा दृष्टि बनायें रखना ताकि मेरे सारे कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हों।

मंगलदायक भगवान गणेश भगवान शिव व माता पार्वती के पुत्र हैं। इन्हें बुद्धि एवं विवेक का प्रतीक माना जाता है। ऋद्धि और सिद्धि इनकी पत्नियां हैं, ऋद्धि से लाभ एवं सिद्धि से शुभ हुए यानि लाभ और शुभ ये इनके दो पुत्र माने जाते हैं। हर शुभ कार्य में भगवान श्री गणेश की पूजा की जाती है।

ॐ श्रीम गम सौभाग्य गणपतये

वरवरदा सर्वजनम में वशमानय नमः

हिंदी अर्थ :भगवान श्री गणेश के इस मंत्र में ॐ, श्रीं, गं बीजमंत्र हैं जो परमपिता परमात्मा, मां लक्ष्मी, और भगवान श्री गणेश के बीज मंत्र हैं। इस मंत्र का अर्थ है हे भगवान श्री गणेश जी आपकी कृपा और आशीर्वाद हमें हर जन्म में मिलता रहे। आपके आशीर्वाद से एक स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन व्यतीत करें। हमें सौभाग्य प्रदान कर हमारी हर बाधा को दूर करें प्रभु

महाराष्ट्र में गणेश जन्मोहोत्सव

बैसे तो गणेश चतुर्थी पुरे ही देश में बड़े ही धूम धाम से मनाई जाती है लेकिन महाराष्ट्र में इस त्यौहार को ख़ास तरीके से मनाया जाता है लोग बहा पर कुछ अलग तरीके से मान ते है जैसे ढोल ताशे बजाकर , पुष्प बर्षा करके इन साड़ी चीज़ो को देखने के लिए महारष्ट्र में हजारो की संख्या में भीड़ जैम होती है और वह पर भगवान् गणेश जी की भव्य मुर्तिया देखने को मिलती है दोस्तों ये गणेश महोत्सव करीब 11 दिनों तक चलता है

दोस्तों मैं आशा करता हु आपको में मेरे द्वारा दी गयी पोस्ट में गणेश चतुर्थी के बारे में उचित जानकारी मिल गयी होगी, और मुझे उम्मीद है की आपके ये जानकारी पसंद भी आयी होगी। अगर आपको हमारी जानकरी पसंद आयी हो तो आप हमे इसके बारे में कमेंट करके जरूर बताये और इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे

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