दीपावली क्यो मनाई जाती है-Why is Diwali celebrated in Hindi

दीपावली क्यो मनाई जाती है-Why is Diwali celebrated in Hindi:- भारत  एक ऐसा देश है जिसे त्योहारों की भूमि कहा जाता है, हिन्दू मान्यता के अनुसार भारत में 33 करोड़ देवी देवता है, जिस वजह से भारत में किसी ना किसी त्यौहार का माहौल बना रहता है,जिन्हे भारत ने काफी धूम धाम से मनाया जाता है, इन्ही त्योहारों में एक पर्व है दीपावली जिसे पूरे भारत में ही नहीं विदेशों में भी हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है.जैसा की हम सब जानते है.की दीपावली रौशनी का त्यौहार है, दीपावली पांच दिन धनतेरस,नरक,चतुर्दर्शी,अमावस्या,यम, या भाई दूज का त्यौहार है, जो धनतेरस अश्वनी माह के पहले दिन से शुरू होता होता है, और भाई दूज के कार्तिक माह के अंतिम दिन पर खत्म होता है. दीवाली त्यौहार को हिन्दू चंद्रसौर के अनुसार निर्धारित किया जाता है.

दीपावली क्यो मनाई जाती है-Why is Diwali celebrated in Hindi

दीवाली के त्यौहार आने से कुछ दिन पहले ही घरों को सजाया जाता है,इस दिन उपहार बांटकर,मिठाइयां खिलाकर और और ग्रीटिंग कार्ड से दीवाली की सुभकामनाये दी जाती है, और साथ ही इस दिन एक दूसरे गले लगाकर बड़े हर्षोउल्लास से मनाया जाता है. इस दिन  सिंगापुर,म्यांमार,नेपाल,श्री लंका, गुयान, और भी कई देशो में राष्ट्रीय अवकाश रहता है, लेकिन क्या आप दीवाली के इतिहास के बारे में जानते है, की आखिर दीवाली क्यों मानते है, दीवाली को पूरे भारत में क्यों मनाया जाता है. इसका क्या कारण है, अगर नहीं जानते है, तो आज हम ा[आपको इस पोस्ट में दीवाली के पूरे इतिहास के बारे में बताते है. की दीवाली आखिर क्यों मनाया जाता है,दीवाली मानाने के कई कारण है जिनके बारे में आज हम आपको विस्तार से बताएँगे तो आइये जानते है.

   भगवान राम की विजय और अयोध्या में आगवन

दीवाली के साथ जुड़ी सबसे लोकप्रिय कथा भगवन राम की है, जब भगवान् राम  14 वर्ष का वनवास पूर्ण करने के पश्चात अयोध्या वापस लौटे तब अयोध्यावासियों का ह्रदय अपने परम प्रिय राजा के आगमन से उल्लसित था,तब श्री राम के स्वागत में अयोध्यावासियों ने घी के दीए जलाए, और इसी खुशी में लोगों ने अपने घरों को दीपों से रौशन किया और एक दूसरे को मिठाइयां बांटीं यह थी भारत वर्ष की पहली दीपावली थी  और तब से आज तक हर कार्तिक अमावस्या को दीपावली मनाई जाती है।

नर्कासुर की कथा

दीपावली के एक दिन पहले को नरक चतुर्दशी कहते है,क्योकि  दीवाली के दिन ही भगवान कृष्ण ने नर्कासुर का वध किया था. नरकासुर उस समय दक्षिण नेपाल एक का राजा था। नरकासुर इतना क्रूर था की उसने देवमाता अदिति के शानदार बालियों तक को छीन लिया,तब श्री कृष्‍ण नरकासुर का दमन किया और कैदियों को स्‍वतंत्रता दिलाई,इसलिए इस दिन को नरकचतुर्दशी कहते है,और उस दिन से बुराई पर सत्य की जीत पर लोगो ने अगले दिन उल्लास के साथ दीपक जलाकर दीपावली का त्यौहार मनाया।

 पांडवों की राज्य में वापसी 

बैसे आज महाभारत की कहानी तो सबने सुनी होगी, कौरवों ने, शकुनी मामा के चाल की मदद से शतरंज के खेल में पांडवों का सब कुछ छीन लिया था,यहां तक की उन्हें राज्य छोड़ कर 13 वर्ष के लिए वनवास भी जाना पड़ा था और वो 13 वर्ष के वनवास बाद पांडव इस दिन अपनी राजधानी हस्तिनापुर लौटे थे,लोगों ने इस अवसर पर मिट्टी के दीये जलाए थे  दीवाली मनाई जाने लगी

देवी लक्ष्मी का जन्मदिन

धन की देवी लक्ष्मी और समृद्धि की स्वामिनी है, यह माना जाता है कि राक्षस और देवताओं द्वारा समुन्द्र मंथन के समय देवी लक्ष्मी दूध के समुन्द्र से कार्तिक महीने की अमावश्या को ब्रह्माण्ड में आयी थी,यही कारण है कि यह दिन माता लक्ष्मी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में दिवाली के त्यौहार के रूप में मनाना शुरू कर दिया और आज भी  धन की देवी लक्ष्मी के स्वागत में घर घर दीप जलाये जाते है,

दीवाली का त्यौहार कैसे मनाया जाता है ( How is Diwali celebrated in Hindi)

हिन्दू इस शुभ त्यौहार को बुद्धिमत्ता के देवता गणेश  और माता लक्ष्मी माता की  पूजा करके मनाते है,लोग दीवाली उत्सव का जगमगाते हुये दीपकों के प्रकाश, स्वादिष्ट मिठाईयों का आनंद लेकर मनाते है दीपावली का त्यौहार 5 दिनों तक मनाया जाता है,यह धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज पर खत्म होता है,परन्तु  दीपावली की तैयारी कई दिनों पहले से शुरू हो जाती है, लोग बहुत पहले से ही अपने घरो और दुकानों की साफ सफाई और रंगाई पुताई करने लगते है. और साथ ही घर और बाजारों,गलियों को सुनहरी झंडियों से सजाया जाता है, इस तौहार में गेंदे के फूलों का बड़ा महत्व होता है,क्योकि इस मौसम में ही गेंदे के फूल खिलने शुरू हो जाते है, और इस पीले नारंगी फूलों के साथ आम के पत्तों का तोरण दरवाज़े पर लगाया जाता है,बैसे दीपावली का त्यौहार भारत देश मे ही नहीं बल्कि  बाहर विदेशों मे भी मनाया जाता है,जिसे लोग अपने अपने ढंग से मनाते है  दीपावली का त्यौहार दुनिया भर मे हिन्दू, जैनऔर सिख समुदाय द्वारा मनाया जाता है, 

दीवाली के इन 5 दिनों का महत्व बारे मी ज़रूर जाने ?

पहला दिन धनतेरस 

दिवाली के पहले दिन को धनतेरस कहते हैं,धनतेरस दिवाली से दो दिन पहले मनाई जाती है, धनतेरस के दिन मृत्यु के देवता यमराज, धन के देवता कुबेर और आयुर्वेदाचार्य धन्वंतरि की पूजा का महत्व होता है, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सोना चांदी के आभूषण या और  अन्य बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है,

दुसरा दिन नरक चतुर्दशी

दूसरे दिन नर्क चतुर्दशी होती है यह ,दीपावली से एक दिन पहले मनाया जाता है, इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करने की एक परंपरा है,इसी दिन नरकासुर का वध कर भगवान श्रीकृष्ण ने 16,100 कन्याओं को नरकासुर के बंदीगृह से मुक्त कर उन्हें सम्मान प्रदान किया था  दानव की कैद से मुक्त होने के बाद संतों की सभी सोलह हजार कन्याओ ने सुबह जल्दी स्नान किया,इसलिए इस दिन सुबह जल्दीउठकर स्नान करने की इस  परंपरा को  बुराई पर दिव्यता की विजय का प्रतीक माना जाता है..

तीसरा दिन लक्ष्मी पूजन

तीसरे दिन को दीपावली’कहते हैं,यह  दिन समारोह का सबसे महत्वपूर्ण दिन मन जाता है,दीपावली का पर्व विशेष रूप से मां लक्ष्मी के पूजन का पर्व होता है और इसी दिन माता  लक्ष्मी की पूजा होती है, और शहर में छोटे छोटे टिमटिमाते दीपक जलाये जाते है जो अंधकार को दूर कर देते है,

चैथा दिन गोवेर्धन पूजा

दीपावली के चौथे दिन को गोवर्धन पूजा के रूप में मनाया जाता है,खासकर इस दिन पर घर के पालतू जानवरो बैल, गाय, बकरी आदि को अच्छे से स्नान कराकर उन्हें सजाया जाता है,  फिर इस दिन घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन बनाए जाते हैं और उनकी पूजा की जाती है,

पांचवा दिन भाई दूज

दीवाली का पांचवा दी जो की भाईदूज के रूप में मनाया जाता है,भाईदूज भाइयों और बहनों के बीच प्रेम के  प्रतीक को  दर्शाता है,भाई दूज का पर्व भाई-बहन के रिश्ते को प्रगाढ़ बनाने और भाई की लंबी उम्र के लिए मनाया जाता है.इस दिन बहन अपने भाई के तिलक ोे भाई को मिठाई खिलाकर उसकी लम्बी उम्र की कामना करती है.

Happy Diwali wishes Status In Hindi

[su_quote cite=” “]होगी  रौशनी और सजेंगे घर और बाजार, मिल कर गले,एक दूजे के मनाएंगे खुशियों का त्यौहार।[/su_quote]

[su_quote cite=” “]दिवाली की शुभ बेला पर अपने मन का अंधकार मिटाये, मिठाईया खाये, और दीपो के इस त्यौहार को मनाये।[/su_quote]

[su_quote cite=” “]इस दिवाली पर आप अपने परिवार के साथ हो बहुत सारे मज़े करो और यह त्यौहार आपके लिए सबसे खास हो।[/su_quote]

[su_quote cite=” “]दीप जगमगाते रहे सबके घर झिलमिलाते रहे, साथ हो सब अपने सब यही मुस्कुराते रहे,[/su_quote]

[su_quote cite=” “]दीपक का प्रकाश हर पल आपके जीवन में नयी रौशनी लाये,बस यही शुभकामना है, आपके लिए इस दिवाली में।[/su_quote]

[su_quote cite=” “]ज्योति पर्व है,ज्योति जलाये। मन के ताम को दूर भगाये। दीप जलाये सबके घर पर जो नाम आँखे उनके घर पर. हर मन में जब दीप जलेगा, तभी दिवाली का पर्व मानेगा। दीवाली की हार्दिक शुभकामनाये [/su_quote]

[su_quote cite=” “]इस दिवाली जलाना हजारी दिए, खूब करना उजाला ख़ुशी के लिए एक कोने में एक दिया जलाना जरूर जो जले हमारी दोस्ती के लिए, दीवाली की शुभकामनाये [/su_quote]

[su_quote cite=” “]दीपावली में दीपों का दीदार हो, और खुशियों की बौछार हो। शुभ दीपावली[/su_quote]

[su_quote cite=” “]मन राम का मंदिर हैं, यहाँ उसे विराजे रखना, पाप का कोई भाग ना होगा, इस दिवाली बस राम को थामे रखना।[/su_quote]

[su_quote cite=” “]देवी महालक्मी की कृपा से आपके घर में हमेशा उमंग ओ आनद की रौनक हो, इस पावन पर्व दिवाली की शुभकामनाये [/su_quote]

[su_quote cite=” “]दिवाली पर्व है खुशियों का, उजालों का, लक्ष्मी का, इस दिवाली आपकी जिंदगी खुशियों से भरी हो, दुनियां उजालों से रोशन हो, घर पर माँ लक्ष्मी का आगमन हो. दिवाली की शुभकामनाये [/su_quote]

happy diwali wishes messages 2019 In Hindi

हर घर में हो उजाला,
आये ना कभी रात काली,
हर घर में मने खुशिया,
हर घर में हो दिवाली।
चारो और दिया जलाओ,
अपने घर को खूब सजाओ,
आज की रात पटाखें जलाओ,
दिवाली को अच्छी तरह मनाओ।
माता सरस्वती का साथ हो,
माता लक्ष्य का हाथ हो,
भगवन गणेश का साथ हो,
माँ दुर्गा का आशीर्वाद हो,
आपके जीवन में प्रकाश ही प्रकाश हो.
दिवाली के इस  मंगल अवसर पर,
आप सभी की मनोकामना पूरी हो,
खुशियां आपके कदम चूमे,
इसी कामना के साथ आप सभी को,
दिवाली की ढेरो बधाइयाँ।
शेर चुप कर बार नहीं करते,
अपने कभी खुल कर बार नहीं करते,
हम वो किंग है,
हैप्पी दिवाली कहने के लिए,
7 नबंवर का इंतजार नहीं करते,
happy Diwali 
फिर से पूरा संसार जगमगाया,
फिर से दीपो का त्यौहार आया,
कोई तुम्हे हमसे पहले बधाई न दे दे,
इसीलिए ये मैसेज आपको सबसे पहले भिजवाया
दीप जलते जगमगाते रहे,
हम आपको आप हमें याद आते रहे,
जब तक ज़िन्दगी है,
दुआ है हमारी,
आप चाँद की तरह जगमगाते रहे,
दीप से दीप जले तो हो दीपावली
उदास चेहरे खिलें तो हो दीपावली
बाहर की सफाई तो हो चुकी बहुत,,
दिल से दिल मिले तो हो दीपावली।।
सुख समृधि आपको मिले इस दीवाली पर,
दुख से मुक्ति मिले इस दीवाली पर,
माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद हो आपके साथ
और लाखों खुशिया मिले इस दीवाली पर,
दीयों की रोशनी से झिलमिलाता आँगन हो
पटाखों की गूंजों से आसमान रोशन हो
ऐसी आये झूम के ये दिवाली
हर तरफ खुशियों का मौसम हो
मुस्कुराते हँसते दीप तुम जलाना
जीवन में नई खुशियों को लाना
दुःख दर्द अपने भूलकर
सबको गले लगाना, सबको गले लगाना
आपको इस दिवाली की शुभकामनाएं
दीपावली का ये पावन त्यौहार
जीवन में लाए खुशियों अपार
लक्ष्मी जी विराजे आपके द्वार
शुभकामनाएं हमारी करे स्वीकार
आप सभी को दिवाली मुबारक

उम्मीद करता ही की आपको हमारी इस पोस्ट में दीवाली के इतिहास के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी और अगर आप दीवाली के बारे में कुछ जानते है जो हमारी इस पोस्ट में ना हो तो प्लीज उसे हमारे साथ कमेंट कारक शेयर ज़रूर करे

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