जानिए 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस

गणतंत्रा दिवस भारत का एक राष्ट्रीय त्यौहार है.जिसे पूरा भारत में 26 जनवरी के रूप में बहुत उत्साह और ख़ुशी के साथ मनाया जाता है. यह भारतीय पर्व ना सिर्फ वहाँ बैठी जनता बड़े चाव से देखती है बल्कि घर-घर में टीवी पर भी लोग इसका भरपूर आनंद उठाते हैं.इसमें भारत की संस्कृति, उद्योग व अनेक प्रकार की झाँकियाँ बड़े ही शानदार व अनुशासित तरीके से दिखाई जाती है.इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए लोग महीनों पहले से ही तैयारी शुरू कर देते हैं. और इस बार हम 26 JANUARY 2020 को हम 71वां republic day मनाने जा रहे हैं। 26 जनवरी के पर्व को हम लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व मानते है.बैसे आजादी तो हमे 15 अगस्त को मिली थी परन्तु फिर भी हम 26 जनवरी को आजादी सेलिब्रेट करते है.और बहुत खुशियों के साथ मनाते है.लेकिन क्या आप जानते हैं यह 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है ? पहली बार राष्ट्रीय ध्वज कहां फहराया था और भारतीय संविधान कितने बजे लागू किया गया था अगर नहीं जानते तो जानें रिपब्लिक डे के बारे में कुछ ऐसे फैक्ट्स जो शायद ही कुछ लोगो को पता है.

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26 जनवरी क्यों मनाते है

26 जनवरी क्यों मनाते है

हमारी मातृभूमि भारत लम्बे समय तक ब्रिटिश शासन की गुलाम रही जिसके दोरान भारतीय लोग ब्रिटिश शासन द्वारा बनाये गए कानूनों को मानने के लिए मजबूर थे, भारतीय स्वतंत्रता सेनाननियो द्वारा लंबे संघर्ष के बाद हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था लेकिन फिर भी पूरी तरह से स्वतंत्र नहीं थे इसलिए आजादी के पूर्व 7 से 8 महीने पहले ही देश की आजादी को घोसणा हो गयी थी और भारत का संविधान लिखने का कार्य शुरू हो गया था और 1935 जो हमारा संविधान था उसके अनुसार हमारा नया संविधान बनाया गया.संविधान सभा ने अपना काम 9 दिसंबर 1946 से शुरू किया। दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान 2 साल, 11 माह, 18 दिन में तैयार हुआ। संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान सौंपा गया, इसलिए 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में प्रति वर्ष मनाया जाता है। संविधान सभा ने संविधान निर्माण के समय कुल 114 दिन बैठक की। इसकी बैठकों में प्रेस और जनता को भाग लेने की आजादी थी। अनेक सुधारों और बदलावों के बाद सभा के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किए। इसके दो दिन बाद संविधान 26 जनवरी को यह देश भर में लागू हो गया।

26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए इसी दिन संविधान निर्मात्री सभा (कांस्टीट्यूएंट असेंबली) द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता प्रदान की गई। इसी के साथ पूरे देश में पूरी तरह से लोकतंत्र लागू हो गया और देश की जनता को कुछ अधिकार दिए गए उसमे जो सबसे बड़ा अधिकार था वो था हमारी आजादी जो एक ऐसा अधिकार था जिससे हम पूरी आजादी के साथ कही भी घूम सकते है. और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में पूरे भारत मनाया जाने लगा.और भारत के देशवासियों के लिए 26 जनवरी को गौरव का दिन माना जाने लगा

दाग गुलामी का धोया है जान लुटा कर,
दीप जलाये है कितने दीप भुझा कर,
मिली है जब यह आज़ादी तो फिर इस आज़ादी को…
रखना होगा हर दुश्मन से आज बचाकर।।

चिंगारी आजादी की सुलगी मेरे जश्न में हैं,
इन्कलाब की ज्वालाएं लिपटी मेरे बदन में हैं,
मौत जहाँ जन्नत हो ये बात मेरे वतन में हैं,
कुर्बानी का जज्बा जिन्दा मेरे कफन में हैं

हम आपको बता दे की आजादी हमे यही नहीं मिली थी बल्कि हजारो-लाखो कुर्बानियों के बाद हमारे देश को आजादी मिली तब जाकर कही हमारा देश गणतंत्र बना कई महान पुरुषो ने आजादी पाने के लिए अपना जान गवाई, जिसमे महात्मा गाँधी, लाला लाजपतराय,बाल गंगाधर तिलक,भगत सिंह,सुभास चंद्र बोस, जैसे नेताओ ने अपनी जान की बाजी लगा दी और हसते -हसते देश की आजादी के लिए कुर्वान हो गये.इसलिए हमे अपने गणतंत्र को फलता-फूलता देखने के लिए हमें इन्हें हृदय में धारण करना होगा।

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गणतंत्र क्या है

गणतंत्र का मतलव होता है वह देश जहा गण मतलव जनता या नागरिक का राज हो.गणतंत्र देश में प्रजा का राज होता है.जिसका मतलव होता है.यहाँ की सत्ता देश की जनता चुनती है. भारत एक गणतंत्र देश है ओर यहाँ की सरकार के लिए भारतीय नागरिक अपने ही भीतर से किन्ही सदस्य को बहुमत से चुनाव के माध्यम से चुनती है.

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गणतंत्र दिवस पर समारोह

26 जनवरी क्यों मनाते है

हमारे देश में गणतंत्र दिवस को बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है. इस दिन भारत के राष्ट्रपति राष्ट्रध्वज फहराते हैं और राष्ट्रगान गाया जाता है.बैसे तो 26 जनवरी मतलव गणतंत्र दिवस पूरे भारत में बड़ी धूम धाम से मानाया जाता है, परन्तु राजधानी दिल्ली में इसकी झलक देखने लायक होती है. हर साल 26 जनवरी को राजधानी में एक भव्य परेड का आयोजन किया जाता है जो इंडिया गेट से होती हुई राष्ट्रपति भवन तक होती है. साथ ही इस परेड में देश के विभिन्य स्कूलों से आये बच्चे भी भाग लेते है. और रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाते है.

गणतंत्र दिवस से जुड़े कुछ तथ्य

  • पूर्ण स्वराज दिवस (26 जनवरी 1930) को ध्यान में रखते हुए भारतीय संविधान 26 जनवरी को लागू किया गया था
  • गणतंत्र दिवस की पहली परेड 1955 को दिल्ली के राजपथ पर हुई थी.
  • भारतीय संविधान की दो प्रत्तियां जो हिन्दी और अंग्रेजी में हाथ से लिखी गई
  • भारतीय संविधान की हाथ से लिखी मूल प्रतिया संसद के पुस्तकालय में सुरक्षित रखी हुई है.
  • भारत के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने गवर्नमैंट हाऊस में 26 जनवरी 1950 को शपथ ली थी
  • 26 जनवरी को हर साल 21 तोपों की सलामी दी जाती है

संविधान का अर्थ-

संविधान दो शब्दो से मिलकर बना है समा+विधान जिसमे समा का मतलव बराबर और विधान का मतलव नियम अर्थात जो नियम,कानून सबके लिए बराबर बनाय गया हो उसे हम शाब्दिक रूप से संविधान कहते है. जो की देश के नागरिको और अधिकारों तथा उनकी स्वतंत्रताओं का प्रावधान करता है.और वैयक्तिगत नागरिको तथा राज्य सरकार के बीच के संभंधो को स्पष्ट करता है.

संविधान से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  1. भारत संविधान 63 लाख 96 हजार 729 रूपए में बनकर तैयार हुआ था
  2. संविधान बनने में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन लगे थे
  3. 9 दिसम्बर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक हुई थी
  4. 24 जनवरी 1950 को जन-गण -मन राष्ट्रगान का दर्जा दिया गया था

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