15 अगस्त की कहानी – History Of Independence Day hindi

History Of Independence Day hindi:आज हम आपको इस पोस्ट में बतायंगे की 15 अगस्त (स्वतंत्रता) दिवस क्यों मनाया जाता है.सभी जानते है कि 15 अगस्त को भारत आजाद हुआ था इसलिए यह दिन भारतीय लोगो के लिए बहुत मायने रखता है.हर साल भारत में इस दिन को हर जगह हर्सोल्लाष से मनाया जाता है.इससे जुड़े इतिहास के बारे में सभी लोग जानते है हर कोई जानता है की इस दिन हमे आज़ादी मिली थी।आपको बता दे की भारत लम्बे समय तक अंग्रेजों के अधीन रहा था।और इस स्वतंत्रता को पाने के लिए भारतबासियो को हर तरह से इसका मूल्य चुकाया था.

आज़ादी पाने के लिए भारत में कई तरह के आंदोलन भी हुए।और इन आंदोलन को सफल बनाने और आज़ादी पाने के लिए भारतबासियो ने अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया था.इन आंदोलन में कई भारतबासियो की जाने भी गई।और जेल भी जाना पड़ा हर कोई जानता होगा की कैसे हमे आज़ादी मिली और कैसे अंग्रेजों की हुक़ूमत का अंत हुआ। के तो वो 15 अगस्त के बारे में वो जानकारी थी जिसे लगभग हर कोई जानता है। लेकिन आज हम राष्ट्रीय पर्व के बारे में थोड़ा विस्तार से जानते है। और इसके फिर इसके इतिहास के पुराने पन्नो के बारे में जाने की कोशिश करते है। और जानने की कोशिश करते है कि किस तरह से 15 अगस्त हमे आज़ादी मिली और किस तरह से यह दिन हर भारतबासी के लिए महत्वपूर्ण बन गया।तो चलिये शुरू करते है.

Happy Independence Day 2019

इस बार 2019 में 15 अगस्त को पूरे भारत मे बुधवार को 73 स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जायेगा। इस दिन को हर भारतीय काफी हरसोउल्लास के साथ मनाता है। इस राष्ट्रीय पूर्व के उप लक्ष्य में कई जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता। साथभी इस दिन हर सरकारी कार्यालय में अवकाश होता है।

15 अगस्त की कहानी – History Of Independence Day hindi

अंग्रेजों के कदम लड़ खड़ा गए

15 अगस्त के इतिहास के बारे में जानने के लिए हमे इतिहास के पुराने पन्नो के बारे में जानना जरूरी पड़ेगा।बता दे कि जब दूसरा विश्व युद्ध हुआ था तो ये विश्व युद्ध पूरे देश के लिए दुर्भाग्य पूर्ण रहा रहा था,इससे ब्रटिश सरकार को काफी नुकसान हुआ था.क्योकि दुसरे विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार के कई सारे सैनिक मारे गए थे और पैसा भी काफी ख़राब हुआ था, जिसके कारण उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी जबकि भारतबासी अंग्रेजों की मनमानी ख़त्म करने के इरादे बना चुके थे,और अंग्रेजो के हाथो से भारत एक तरह से फिसलता जा रहा था अंग्रेज अब अच्छी तरह जान चुके थे की अब उनका राज यहाँ नहीं चलेगा।और इसी वजह से कई ब्रिटिश अधिकारी भारत छोड़कर भाग चुके थे।

1857 की क्रांति

सन 1857 की क्रांति:सन 1857 की क्रांति भारतबासियो के लिए स्वतंत्रता में बहुत बड़ा महत्व था कई इतिहासकारो का मानना है ।1857 की क्रांति भारत में अंग्रेजों से आज़ादी की पहली लड़ाई थी यह लड़ाई पूरी ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के विरुद्ध थी. इतिहासकारो का मानना है की ये लड़ाई मंगल पांडेय की बगावत से आरम्भ हुई थी. क्योंकि पांडे ब्रिटिश रेजिमेंट में एक सैनिक के तौर पर काम करते थे ब्रिटिश सरकार सैनिकों को गाय की चर्बी लगे कारतूत का प्रयोग करने के लिए देती थी।

जिसका मंगल पांडे विरोध करते थे।और इसी को लेकर उन्होंने रेजिमेंट के एक बड़े अधिकारी की हत्या भी कर दी थी जिसकी वजह से हर जगह आग की ज्वाल की आग पनप गयी थी,और ब्रिटिश सरकार ने उन्हें फांसी की सजा सुना दी जिसकी वजह से पूरे देश में एक क्रांति फैल गयी जिसे हम 1857 की क्रांति कहते है।हांलाकि की बेहतर योजना न होने की वजह से ये क्रांति विफल हो गयी।

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परिस्थितियों को समझ चुकी थी ब्रिटिश सरकार

माना जाता है की 1946 से ही भारत में हिन्दू -मुस्लिम के बीच में लड़ाई छिड़ गयी थी जिसके कारण जगह जगह दंगों की शुरुआत हो गयी थी जिसकी वजह से अंग्रेजों के खिलाफ आक्रोश बढ़ता ही जा रहा था,परन्तु अंग्रेजों ने इसे रोकने की काफी कोशिश की लेकिन वो इस में पूरी तरह विफल हो गए और उल्टा भारतीयों में क्रांति की ज्वालामुखी और तेज़ हो गयी।अब अंग्रेजों को पूरी तरह समझ चुके थे की अब भारत में हमारा अस्तित्व ख़तम होने बाला है। फिर अंग्रेजों ने भारत के आगे अपने घुसने टेक दिए और उन्होंने भारत को आज़ाद करने का ऐलान कर दिया।

भारतीय स्वतंत्रता सेनानी

भारत को स्वतंत्र करने के लिए हर जाति,धर्म के लोगो ने हिस्सा लिया इन लोगो का नेतृव्त करने की जिम्मेदारी जिन लोगो ने उठाई वो अक्सर याद किये जाते है.जैसे महात्मा गाँधी, लाला लाजपत रॉय ,नेता जी सुभाष चंद्र बॉस, भगत सिंह,और भी ऐसे कई महापुरुषों थे जिन्होंने भारत को आज़ादी देने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी..

भारत में स्वतंत्रता दिवस कब से और क्यों मनाते है

भारत को स्वतंत्रता मिलने के कुछ कारण थे जिसका पहला कारण था हाल ही में द्वितीय विश्व युद्ध का समाप्त हो चुका था।इन स्थितियों के मद्देनज़र नजर रखते हुये फ़रवरी 1947 में क्लेमेंट अटली ने यह तय किया की ब्रिटिश सरकार जून 1948 को भारत की समस्त सत्ता भारतीयों नेताओं के हाथ में सौप देगी।

हांलाकि इसके बाद भारत का नया वाइस राय के रूप में लार्ड माउंटबेटन आया लार्ड माउंबेटन ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान के आत्मसमर्पण के दुसरे सालगिरह के तौर पर 15 अगस्त को भारत की आज़ादी के रूप में चुना।और 3 जून 1947 को ब्रिटिश सरकार ने भारत और पाकिस्तान को दो भागों में बाँट दिया 14 अगस्त 1947 को ब्रिटिश रात्रि में भारत छोड़कर चले गए।और भारत ने 15अगस्त को आज़ादी प्राप्त कर ली। इस तरह भारत में आज तक इस दिन को स्वतंत्रता के रूप में हर जगह मनाया जाता है. जिस दिन का सभी भारतवासी बेसब्री से इंतजार करते है।

भारत में आज़ादी मनाने का तरीका

  • इस दिन हर जाती धर्म के लोग एक साथ तिरंगे के नीचे आते है,इस दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री नयी दिल्ली के लाल क़िले पर तिरंगा फैराते है.और समस्त भारतबसियों को संबोधित करते है।
  • इस दिन देश के सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में तिरंगा फहराया जाता है,और सेनाबादियों को याद किया जाता है,और तिरंगा फैराने के बाद राष्ट्रगान गया जाता है.

आशा करता हूं कि आपको आज की हमारी पोस्ट में 15 अगस्त के बारे में दी गयी जानकारी अच्छी लगी होगी। और इस पोस्ट में आपको 15 अगस्त के बारे में उचित जानकारी मिल गयी होगी। आपको पोस्ट कैसी लगी हमे कमेंट जरूर करे। साथ ही पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे ताकि उन्हें इस दिन के बारे में उचित जानकारी प्राप्त हो सके।

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