भारत के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन से हैं?

भारत एक ऐसा देश है जहां हिंदू धर्म से संबंधित सर्वाधिक पवित्र धार्मिक स्थल यानी मंदिर में मौजूद है हर साल इन मंदिरों में भारी मात्रा में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते है और अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए ईश्वर के समक्ष प्रार्थना करते हैं वैसे तो भारत देश में बहुत सारे मंदिर उपलब्ध है लेकिन इनमें से कुछ ऐसे मंदिर भी हैं जो भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में काफी प्रसिद्ध हैं और इन मंदिरों को देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं.

लेकिन क्या आपको भारत के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन से हैं? (What are the 10 most famous temples in India?) के बारे में जानकारी है यदि नहीं तो आपके लिए यह पोस्ट बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाली है क्योंकि आज हम आपके लिए अपने इस आर्टिकल के माध्यम से Top 10 most famous temples in India के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान करेंगे जिन मंदिरों के दर्शन के लिए लाखों लोग आते हैं क्योंकि यहां लोगों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। 

भारत के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन से हैं?

वैसे तो भारत को देव भूमि के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यहां सर्वाधिक हिंदू धर्म से संबंधित धार्मिक स्थल मौजूद हैं लेकिन यहां कुछ ऐसे पवित्र मंदिर भी हैं जो भारत के साथ कई अन्य देशों में भी काफी प्रसिद्ध हैं और हर साल इन मंदिर में अपनी मनोकामना की पूर्ति की प्रार्थना करने के लिए लाखों की मात्रा में श्रद्धालु आते है।

लेकिन प्रश्न यह उठता है कि What are the 10 most famous temples in India यदि आप भी इस प्रश्न का उत्तर चाहते हैं तो आपको यह आर्टिकल अंत तक पढ़ने की आवश्यकता है क्योंकि हमने इस पोस्ट में भारत के एक नहीं बल्कि 10 प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी उपलब्ध कराई है जो कुछ इस प्रकार से नीचे दिए गए है-

वैष्णो देवी मंदिर (Vaishno devi mandir) 

वैष्णो देवी मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है जो भारत के पर्वतीय राज्य जम्मू कश्मीर के जम्मू रियासी कटरा नगर में स्थित है। यह मंदिर उत्तर के भारत मे सबसे पूजनीय पवित्र स्थलों में से एक है। वैष्णो देवी मंदिर पूरे विश्व में काफी प्रसिद्ध है जिसके दर्शन के लिए भारी मात्रा में लोग दूर-दूर से आते हैं और नवरात्र के समय इस मंदिर में सर्वाधिक भीड़ रहती है।

वैसे तो वैष्णो माता मंदिर तक पहुँचने के लिए लोगो को पैदल ही सफर करना पड़ता है लेकिन अब घोड़े, ऊंट और हेलीकॉप्टर की सवारी की सुविधा मौजूद करवा दी गई है। वैष्णो देवी माता का मंदिर लगभग 5,200 फीट ऊंचा है। कई लोग इस ऊंचाई का रास्ता भी नंगे पैर और पैदल चलकर ही तय करते हैं। 

तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati balaji mandir) 

तिरुपति बालाजी मंदिर भारत के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से लोगों की आस्था का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र है जो आंध्र प्रदेश राज्य में स्थित है। तिरुपति बालाजी मंदिर पूर्व शताब्दी में दक्षिण भारत की ओर बना एक अद्भुत उदाहरण है. इस मंदिर को भगवान विष्णु को समर्पित किया गया है जिसकी वजह से इसे पूरे विश्व में तिरुपति बालाजी के नाम से जाना जाता है प्रतिवर्ष इस मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं और इच्छाएं लेकर दर्शन हेतु आते है। यह मंदिर देखने में काफी भव्य तथा समुद्र तल से लगभग 32000 फीट ऊंचा बना हुआ है।

जगन्नाथ मंदिर पूरी (Jagannath temple puri)

जगन्नाथ पुरी मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है जो पूरी तरह से भगवान श्री कृष्ण को समर्पित किया गया है यह मंदिर भारत के ओडिशा राज्य के तटवर्ती शहर में स्थित है जो पूरे विश्व में अपनी रथयात्रा के लिए काफी जाना जाता है। आज के समय से लगभग 3000 साल पहले भील वासुदेव नीलमाधव की एक गुफा के अंदर पूजा किया करते थे। इस मंदिर के साथ-साथ भगवान श्री कृष्ण के पूजनीय मंदिरों में से उनकी यात्रा निकाली जाती है। यह रिवाज जगन्नाथ मंदिर पुरी से शुरू होकर कई सारे मंदिरों में से निकलने लगा है।

यह मंदिर काफी की परंपराओं और संतराम ननंद से जुड़ा हुआ है। जिसकी वजह से आज इस मंदिर में दर्शन हेतु काफी दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं और इसे भारत में मौजूद चार धाम में से एक माना जाता है। पहले के समय में इस मंदिर को नीलमाधव के नाम से भी जाना जाता था। इस मंदिर पर हमेशा भीड़ रहती है क्योंकि कोई ना कोई भगवान श्री कृष्ण की आराधना के लिए आता रहता है। 

काशी विश्वनाथ मंदिर (kashi vishwanath temple) 

काशी विश्वनाथ मंदिर हिंदू धर्म में एक विशिष्ट स्थान है। जो भारत कि धर्म स्थली कहीं जाने वाली वाराणसी शहर के पवित्र गंगा तट पर स्थित है जिसे भगवान शिव की आराधना हेतु स्थापित किया गया था और आज के समय में इस मंदिर में भगवान शिव की आराधना करने हेतु लाखों की संख्या में लोग आते हैं। ऐसा माना जाता है कि यदि कोई व्यक्ति काशी विश्वनाथ मंदिर मैं भगवान शिव की पूजा करने के उपरांत गंगा में स्नान करता है तो उसके सारे कष्ट समाप्त हो जाते है।

यही कारण है कि प्रतिवर्ष करोड़ों की संख्या में लोग दर्शन हेतु किस मंदिर में आते हैं और महाशिवरात्रि के समय यहां भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाती है जिसमें भगवान शिव के लाखों भक्त शामिल होकर भगवान भोलेनाथ के नारों के साथ अलग अलग संस्कृति में नृत्य करते हैं। अगर आप भी एक शिव भक्त हैं तो आपको एक बार इस मंदिर के दर्शन अवश्य करनी चाहिए यह मंदिर देखने में जितना बड़ा है उतना ही चमत्कारी है इसमें जाने वाले व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है।

सोमनाथ मंदिर (Somnath mandir) 

भगवान शिव को समर्पित किया गया सोमनाथ मंदिर वर्तमान समय में हिंदू धर्म के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है जिसे आज से लगभग लाखो वर्ष पहले स्थापित किया गया था जिसे भारत के चुनिंदा हिंदू धर्म स्थलों में से एक माना जाता है इसके अलावा इस मंदिर में भगवान शिव का बार-बार ज्योतिर्लिंग स्थित है।

यह मंदिर पूरे विश्व में काफी मशहूर है और हर कोई इस मंदिर में मौजूद भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के लिए आता है माना जाता है इस मंदिर में आराधना करने वाले व्यक्ति की सभी परेशानी और दुख नष्ट हो जाते हैं। प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के समय सोमनाथ मंदिर को बहुत ही भव्य तरीके से सजाया जाता है जिसकी खूबसूरती का वर्णन करना बहुत ही मुश्किल है।

रामेश्वरम मंदिर (Rameshwaram temple) 

रामेश्वर मंदिर हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी से गिरा हुआ एक संघ के आकार का बना हुआ मंदिर है जहां भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से 1 ज्योतिर्लिंग स्थित है जिसकी वजह से यह आज हिंदुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।

प्रतिवर्ष इस मंदिर में भगवान शिव की आराधना करने हेतु भारी मात्रा में श्रद्धालु आते हैं माना जाता है कि इस मंदिर को भगवान राम के द्वारा लंका पर चढ़ाई करने से पूर्व किया था। जिसके बाद से ही इस मंदिर में कई तरह के चमत्कार देखने को मिले हैं। रामेश्वर मंदिर भगवान श्री राम भक्त तथा भगवान शिव के भक्तों का मेला लगा रहता है।

श्री सिद्धि विनायक गणपति मंदिर (Shri siddhivinayak Ganapati temple) 

इस ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण आज से कई हजार वर्ष पूर्व बनाया गया था जिसे भगवान श्री गणेश को समर्पित किया गया है और आज यह मुंबई शहर में स्थित विश्व प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। इस मंदिर के दर्शन करने  करोड़ लोग काफी दूर से आते हैं। यहां भगवान श्री गणेश की बहुत ही भव्य मूर्ति का निर्माण किया हुआ है।

इस मंदिर को लेकर लोगों के अंदर धारणा है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी कोई भी इच्छा लेकर इस मंदिर में सच्चे मन से आता है तो उसकी मनोकामनाएं जरूर पूरी होती है यह मंदिर काफी भव्य होने के साथ-साथ अपनी सुंदरता के लिए भी जाना जाता है। 

ब्रह्मा मंदिर पुष्कर (Brahma mandir pushkar temple) 

भगवान श्री ब्रह्मा को समर्पित यह भव्य मंदिर राजस्थान राज्य के अजमेर जिले में स्थित है जिसे आज हिंदू के सबसे तीर्थ एवं पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है। इस मंदिर की सुंदरता का जितना वर्णन किया जाए उतना कम है यहां कई तरह की पुरानी संस्कृति और कलाकृतियों की झलक देखने को मिलती है जिससे ऐसा लगता है कि इस मंदिर का निर्माण लगभग 700 वर्ष पूर्व किया गया होगा और आज भी यह मंदिर वैसा ही है जैसे यह पहले था। इस मंदिर में जाने के बाद लोग अपनी सारी परेशानियां और कष्ट भूल जाते हैं कार्तिक पूर्णिमा के दिन इस मंदिर में त्यौहार होता है जो कि उसमें करोड़ों भक्त आते हैं।

कामाख्या देवी मंदिर (kamakhya devi temple) 

यह मंदिर काफी हजारों वर्ष पुराना है जो कि भारत के 10 वर्ष प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है यह मंदिर काफी विशाल और दिखने में बहुत ही खूबसूरत है। कामाख्या देवी का यह मंदिर बादोरिया और तांत्रिकों से गढ़ माना जाता है। वर्तमान समय में यह भव्य मंदिर राजधानी बिहपुर से लगभग 7 किलोमीटर दूर शक्ति नील चल पर्वत से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

माना जाता है कि यहां माता सती का एक अंग गिरा था जिसे शक्तिपीठ का निर्माण हुआ है और यह शक्तिपीठ अन्य शक्तिपीठों की तुलना में काफी पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है। और इस मंदिर में एक कुंड भी मौजूद है जिसमें से सदैव जल निकलता रहता है जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। कामाख्या देवी के इस मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते है। इस मंदिर से संबंधित कई ऐतिहासिक और चमत्कारी बातें लोगों के द्वारा सुनने को मिलती है यही कारण है कि माता कामाख्या देवी के इस मंदिर को सबसे चमत्कारी और पवित्र मंदिर माना जाता है।

केदारनाथ मंदिर (Kedarnath mandir) 

उत्तराखंड में हिमालय पर्वत की गोद मे केदारनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंग होने के साथ-साथ चार धामों में से एक माना जाता है और यह रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। इस मंदिर में जाना काफी लोगों का सपना भी होता है क्योंकि इस मंदिर की जगह और यह मंदिर काफी खूबसूरत है।

यह मंदिर साल में 6 महीने में एक बार ही खुलता है। जल मंदिर के कपाट खोले जाते हैं तो करोड़ों की संख्या में लोग भगवान शिव के दर्शन हेतु तथा अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए पूजा करते हैं। यह मंदिर ऐसी जगह पर स्थित है जहां चारों तरफ खुला आसमान ही दिखता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस मंदिर का निर्माण पांडवों के पुत्र महाराजा जन्मेजय ने करवाया था। और आज भी इस मंदिर की सुंदरता वैसी ही है।

आज भी केदारनाथ मंदिर पर कोई भी खरोच नहीं दिखी है इसलिए यह मंदिर शिव जी का सच्चा मंदिर बताया जाता है। इस मंदिर में कई लोग अपनी मनोकामनाएं और दुखों का प्रकोप लेकर भी आते हैं ताकि वह इन सब चीजों से मुक्ति पा सकें। जिसकी वजह से श्रद्धालु इस मंदिर के खुलने का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

निष्कर्ष

आज हमने अपने इस वेबसाइट के ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से अपने पाठकों को भारत के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन से हैं? के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी उपलब्ध कराई है। आशा करते है, कि आपको हमारे इस आर्टिकल में बताई गई जानकारी पसंद आई होगी. अगर आपको हमारा यह लेख पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें तथा नीचे दिए गए कमेंट सेक्शन में कमेंट करके जरूर बताएं कि आपको यह आलेख कैसा लगा? ऐसी ही और मजेदार जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी वेबसाइट के साथ बने रहे।

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